अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय | Abraham Lincoln Biography In Hindi

अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय
Abraham Lincoln Biography In Hindi

 

अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय Abraham Lincoln Biography In Hindi

नाम Name अब्राहम लिंकन

पुरा नाम Full Name

जन्म तारीख Date of Birth 12 फरवरी 1809

जन्म स्थान Place of Birth अमेरिका के केंचुकी

मृत्यु Death 14 अप्रैल, 1865

नागरिकता Nationality अमेरिकन

पारिवारिक जानकारी Family Information

पिता का नाम Father’s Name टामस लिंकन

माता का नाम Mother’s Name नैन्सी लिंकन

पत्नी का नाम मेरी टॉड

भाई बहन Siblings

अन्य जानकारी Other Information

सम्मान Awards अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति

प्रेरणा स्त्रोत Inspiration

अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय

अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय अब्राहम लिंकन अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति थे। अब्राहम लिंकन का कार्यकाल 1861 से 1865 तक था। इनका संभंध रिपब्लिकन पार्टी से थे। अब्राहम लिंकन को आज भी उन्हें अमेरिका के महान राष्ट्रपतियों में से एक माना जाता है।अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी , 1809 को संयुक्त राज्य अमेरिका के केंचुकी नामक स्थान के हॉजगेनविले शहर के पास हुआ था।

अब्राहम लिंकन के पिता एक गरीब किसान थे। अब्राहम लिंकन के पिता का नाम टामस लिंकन था। अब्राहम लिंकन के माता का नाम नैन्सी लिंकन था उनके वंशज इंग्लैंड से आए जो बाद में न्यू जर्सी, पेंसिल्वेनिया और वर्जीनिया में बस गए। अब्राहम लिंकन का पूरा नाम अब्राहम थॉमस लिंकन था। अब्राहम लिंकन के माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे इसलिए अब्राहम लिंकन की प्रारंभिक शिक्षा ठीक से नहीं हो सकी।

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अब्राहम लिंकन परिवार 1816 में इंडियाना राज्य चला गया जहा अब्राहम लिंकन के पिता थॉमस ने अपने परिवार चलाने के लिए अलग-अलग नौकरियां कीं। 1818 में अब्राहम की माता नैन्सी लिंकन की मृत्यु होने पर लिंकन के परिवार को भारी झटका लगा ।

किन्तु, सभी कठिनाइयों पर विजय हासिल करते हुए उन्होंने अच्छी शिक्षा अर्जित की, और वकालत की डिग्री पाने में भी सफल रहे। अब्राहम लिंकन वकील बनने से पहले उन्होंने नौकरियां भी की और धीरे – धीरे राजनीति की ओर मुड़ते चले गए। अमेरिका में दास प्रथा की समाप्ति का श्रेय लिंकन को जाता है।

अमेरिका में गुलामी की प्रथा से समस्या थी, गोरे लोग दक्षिणी राज्यों में बड़े खेतों के मालिक थे, और उन्होंने अफ्रीका से काले लोगों को अपने खेतों में काम करने के लिए बुलाया और उन्हें गुलामों के रूप में रखा गया। रियासतों के लोग गुलामी की इस प्रथा के खिलाफ थे और इसे खत्म करना चाहते हैं, अमेरिका का संविधान मनुष्य की समानता पर आधारित है। अब्राहम लिंकन 1860 में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए थे, इसलिए उस देश में गुलामी के लिए कोई जगह नहीं थी।

बात उस समय की है जब देश में गुलामी की प्रथा की समस्याओं चल रही थी। अंग्रेज लोग दक्षिणी राज्यों के बड़े खेतों के मालिक थे, और वह अफ्रीका से आए काले लोगो को अपने खेत में जबर्जस्ती काम करते थे और उन्हें दास के रूप में रखा जाता था।

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अब्राहम लिंकन 1860 में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए थे उस समय उत्तरी राज्यों के लोग गुलामी की इस प्रथा के खिलाफ थे और इसे समाप्त करना चाहते हैं अमेरिका का संविधान आदमी की समानता पर आधारित है। अब्राहम लिंकन अमेरिका के ग्रह युद्ध को सुधारने के लिए १८६५ ई. में अमेरिकी संविधान में १३वें संशोधन द्वारा दास प्रथा को समाप्त करने का श्रेय भी अब्राहम लिंकन को ही जाता है।प्रजातंत्र की परिभाषा देते हुए लिंकन ने कहा, ‘प्रजातंत्र जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन है |

6 नवम्बर 1860 को अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद अब्राहम लिंकन ने ऐसे महत्त्वपूर्ण कार्य किए जिनका राष्ट्रीय ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व भी था  अब्राहम लिंकन अमेरिका ग्रह-युद्ध सुधारने हेतु 1865 ई. में अमेरिका के संविधान में 13वें संशोधन द्वारा दास-प्रथा के अन्तकरने का श्रेय भी अब्राहम लिंकन को ही जाता है | अब्राहम लिंकन एक अच्छे राजनेता और एक प्रखर वक्ता भी थे  प्रजातंत्र की परिभाषा देते हुए उन्होंने कहा, ‘प्रजातंत्र जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन है ’राष्ट्रपति पद पर रहते हुए भी वो हमेशा विनम्र रहे,

बल्कि हर संभव गरीबों की भलाई के लिए भी प्रयत्न करते रहे  दास-प्रथा के उन्मूलन के दौरान अत्यधिक विरोध का सामना करना पड़ा, किन्तु अपने कार्य को समझते हुए वे अंततः इस कार्य को अंजाम देने में सफल रहें  अमेरिका में दास-प्रथा के अंत का अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्व इसलिए भी है कि इसके बाद ही विश्व में दास-प्रथा के उन्मूलन का मार्ग प्रशस्त हुआ। दास प्रथा के उन्मूलन के दौरान बहुत विरोध हुआ, लेकिन अपने काम को समझते हुए, वह आखिरकार इस काम को अंजाम देने में सफल रहे। अमेरिका में दास प्रथा के अंत का अंतरराष्ट्रीय महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके बाद ही दुनिया में गुलामी के उन्मूलन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

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अब्राहम लिंकन का विवाह

1842 में अब्राहम लिंकन का विवाह मेरी टॉड से हुआ।

अब्राहम लिंकन की मृत्यु कैसे हुई

14 अप्रैल, 1865 को वाशिंगटन के फोर्ड थिएटर में ‘अवर अमेरिकन कजिन’ नाटक देखते समय उन्हें जॉन विल्किज बुथ नाम के एक युवक ने गोली मार दी थी। 15 अप्रैल 1865 की सुबह अब्राहम लिंकन का निधन हो गया।

अब्राहम लिंकन कौन थे

अब्राहम लिंकन अमेरिका के 1861 से 1865 तक सोलहवें राष्ट्रपति थे। इनका संभंध रिपब्लिकन पार्टी से थे। जिन्होंने अमेरिका में दास-प्रथा का उन्मूलन किया था।

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